शायरी

तूने कहा था

                                               तूने कहा था तू वापस आएगी जरूर

 

                          तूने कहा था तू वापस आएगी जरूर
                        बस तेरे इंतजार में जिंदगी बिता रहा हूं मैं
                     कोई पूछे जीने की वजह तो बड़ी शान से कहता हूं 
                       तुझसे किए कुछ वादे आजकल निभा रहा हूं मैं
                         याद है तुझे पसंद था मेरा शायरी लिखना 
                     तेरे उसी शौक को अब तक पूरा किया जा रहा हूं मै
                       सुनने वालों ने आजकल शायर बना दिया है।
                      बस कुछ यादों को लफ़्ज़ों में लिखे जा रहा हूं मैं
                       तूने बांधा था जो ताबीज मेरी हिफाजत के लिए
                        तेरी याद समझकर उसे गले लगा रहा हूं मैं
                       तूने जो खत भेजे थे प्यार का इजहार करते हुए
                        तेरे होंठ समझकर बस उसे चूमे जा रहा हूं मैं
                        वह जगह याद है जहां अक्सर हम बैठा करते थे
                           तेरी याद आए तो वक्त वहीं बिताता हूं मैं
                      और जब सवाल उठता है मन में तेरे मौजूद होने का
                         तेरी तस्वीर देखकर अक्सर मन बहलाता हूं मैं
                          तू कहती थी ना मैं गम में अच्छा नहीं लगता
                        अब जब याद आए तेरी तो थोड़ा सहम जाता हूं मैं
                             रो पड़ता हूं तेरी याद आने पर
                          वापस आजाना तुझे याद बहुत करता हूं मैं

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *